{"product_id":"jungle-ki-sacchi-kahaniyan","title":"जंगल की सच्ची कहानियां","description":"\u003cul\u003e\n\u003cli\u003eक्या वह बाघ ब्रह्मचारी था? कान्हा से पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में आने के बाद उसने महीनों तक बाघिनों में कोई रुचि क्यों नहीं ली?\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eक्या कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बारासिंगे नपंकुसक थे कि तराई से बारासिंगे लाकर नियोग द्वारा वंशवृद्धि का सुझाव दिया गया था?\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eक्या वह रीछ सुन्दर ग्रामबालाओं में रुचि लेता था?\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eउस बुलबुल ने लेखक को बार-बार क्यों मारा?\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eक्या सिंहपुरुष आदमसन ने वन्यप्राणियों का चाल-चलन मध्यप्रदेश के कूनो.पालपुर में सीखा था?\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eक्या खटमोर पक्षी अज्ञातवास करता है?\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eक्या मध्यप्रदेश के एक वनमंत्री ने चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन से रीछ का जननेन्द्रिय लाने की फरमाइश की थी?\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस पुस्तक के लेखक घनश्याम सक्सेना ने अपनी जिन्दगी के सबसे महत्वपूर्ण लम्बे साल जंगलों में ही गुजारे हैं, एक अधिकारी के रूप में। इसमें शामिल कहानियों को उन्होंने अपने सामने घटते हुए देखा है। इस किताब के जरिये आप भी इन कहानियों को दिल और दिमाग में घटते हुए देख सकते हैं। फिर आप अपने आप जंगलों से गहरे रूप से जुड़ जाएंगे और हाँ, जंगल के इन मासूम और प्यारे जानवरों से भी।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"bentenbooks","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51140460773689,"sku":"97893804961-0-8","price":250.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0950\/0341\/0745\/files\/junglekikhaniyafinalcoverpage.jpg?v=1759231021","url":"https:\/\/bentenbooks.com\/products\/jungle-ki-sacchi-kahaniyan","provider":"BENTEN BOOKS","version":"1.0","type":"link"}